सभ्यता का अंतिम चरण

सभ्यता का अंतिम चरण यही है यही कि जब मनुष्य मनुष्य को पशु समझे उसकी चीर फाड़ कर उसकी चमड़ी…

भारत माता की जय

अपने देश प्रेमी होने का प्रमाण दो जोर से चिल्लाओ भारत माता की जय जितना तेज़ तुम्हारे कंठ से स्वर…